Friday, 11 September 2015

जब भी शहर में
कोई मस्जिद या मंदिर बनता हैं
मुझे लगता हैं
दुनिया ने
एक नए हथियार का अविष्कार कर लिया हैं
जब भी शहर में
कोई नया पंडित
या नया मुल्ला तैयार होता हैं
लगता हैं
मेरे ही आँगन में एक नई विभाजन रेखा खींच दी गई हैं।।

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